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saudi arab
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साल 2017 महिलाओं के लिए खास रहा है क्योंकि भारत सहित पूरी दुनिया में महिलाओं को समानता का अधिकार और उनकी स्थिति में सुधार लाने की दिशा में कई अहम फैसले किए गए हैं। इस मामले में सऊदी अरब भी पीछे नहीं रहा है। उन्होंने भी महिलाओं को कई नए अधिकर दे उन्हें समानता के करीब लाने की पहल की है। सऊदी अरब में शुक्रवार को पहली बार महिलाओं ने दर्शक दीर्घा में बैठकर फुटबॉल मैच देखा। जेद्दाह के एक स्टेडियम में मैच देखने के लिए महिला फैन्स भी पहुंचीं। वे ‘फैमिली गेट’ से स्टेडियम में दाखिल हुईं और ‘फैमिली सेक्शन’ में ही बैठकर मैच का आंनद उठाया।

सऊदी अरब के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण था। यहां दशकों से महिलाओं पर कई किस्म की पाबंदियां रही हैं, जिनमें से कुछ को हाल के दिनों में हटाया गया है। इस महीने कुल तीन स्टेडियम में जाकर सऊदी महिलाएं मैच देख सकेंगी। यह उन तमाम सामाजिक सुधारों की कोशिशों में से एक है, जो क्राउन प्रिंस मोहम्मद सलमान की अगुवाई में किए जा रहे हैं।

सऊदी अरब में एक और परिवर्तन हुआ। जेद्दाह में ही पूरी तरह महिला ग्राहकों के लिए समर्पित देश का पहला कार शोरूम खोला गया। इसी साल जून महीने से महिलाओं को पहली बार कार चलाने की इजाजत भी मिल जाएगी। बीते साल सितंबर में यह पाबंदी हटाने का ऐलान किया गया था। जेद्दाह के स्टेडियम में महिला फैन्स के स्वागत के लिए महिला कर्मचारियों को तैनात किया गया था। महिलाओं ने जोर शोर से अपनी अपनी टीमों का समर्थन किया। महिला प्रशंसकों और कर्मचारियों ने पारंपरिक परिधान अबाया पहन रखा था।

इस दौरान सोशल मीडिया पर जो हैशटैग चला उसका अर्थ था, ‘लोग स्टेडियमों में महिलाओं के प्रवेश का स्वागत करते हैं।’ इस हैशटैग से सिर्फ दो घंटों में कई हजार मेसेज दिए गए। जेद्दाह की रहने वाली 32 वर्षीय फुटबॉल फैन लामया ख़ालिद नासिर ने समाचार एजेंसी को बताया कि उन्हें इस पर गर्व है और वह मैच को लेकर उत्साहित हैं। इतना ही नहीं,  उन्होंने कहा ‘साफ है कि हम बेहतर भविष्य की ओर बढ़ रहे हैं। मैं इस बड़े बदलाव की गवाह बनकर खुश हूं।’ द्दाह की ही रुवायदा अली कासिम ने कहा कि सऊदी अरब बुनियादी बदलावों के चरम पर है और यह सऊदी राज्य के लिए ऐतिहासिक दिन है।